ज़्यादातर सही
अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के प्रति एक साथ कई मोर्चों पर दबाव बढ़ाया है, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका में निवेश संबंधी मांगें, सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़े मुद्दे और कूपैंग (Coupang) से जुड़ी कार्रवाई शामिल हैं। क्षेत्र के विश्लेषकों के अनुसार, यह "बहुस्तरीय दबाव" (다중 압박) की रणनीति का हिस्सा है, जिसका असर सीधे तौर पर सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और SK हाइनिक्स (SK hynix) जैसी बड़ी कंपनियों पर पड़ सकता है।
अमेरिका की ओर से कोरियाई कंपनियों पर अमेरिकी निवेश बढ़ाने का दबाव लगातार जारी है। सेमीकंडक्टर उद्योग, जो कोरियाई अर्थव्यवस्था का आधार है, इस दबाव का विशेष रूप से केंद्र में है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK हाइनिक्स जैसी कंपनियां अमेरिका में अपनी फैब्रिकेशन सुविधाओं (foundry) का विस्तार कर रही हैं, और अमेरिकी नीतिगत फैसले इनकी योजनाओं को सीधे प्रभावित कर सकते हैं।
इस बहुस्तरीय दबाव का तीसरा मोर्चा कूपैंग (Coupang) से जुड़ा है। कोरियाई मूल की यह ई-कॉमर्स कंपनी, जो अमेरिका में सूचीबद्ध है, अब दोनों देशों के बीच व्यापारिक और नियामकीय तनाव का केंद्र बन गई है। कोरिया के फेयर ट्रेड कमीशन (Fair Trade Commission) की ओर से कंपनी पर नियामकीय नजर रखी जा रही है, जबकि अमेरिकी पक्ष की कार्रवाई ने मामले को द्विपक्षीय स्तर पर उठा दिया है।
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका की यह एक साथ कई मोर्चों पर कार्रवाई अनायास नहीं है, बल्कि एक समन्वित रणनीति का हिस्सा है। सेमीकंडक्टर से लेकर AI और ई-कॉमर्स तक, कोरियाई कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार अत्यंत महत्वपूर्ण है, और यही निर्भरता दबाव का एहसास कराने का जरिया बन रही है।
यह दावा ज़्यादातर सही है।