ज़्यादातर सही
AI के माध्यम से गणित की दशकों पुरानी एक कठिन समस्या का समाधान सामने आया है। इस पहल में लगभग 10,000 समाधान 'रिले' करते हुए आगे बढ़ाए गए थे, जिसमें प्रत्येक AI अपने हिस्से की गणना पूरी करके अगले चरण तक पहुँचाता है।
यह पहल गणित की प्रसिद्ध 'मिलेनियम समस्याओं' (Millennium Problems) से जुड़ी समस्याओं के समाधान से संबंधित है। इन समस्याओं को हल करने के लिए एक नियमावली (rules) तैयार की गई, जो एक अलग पृष्ठ के माध्यम से सुलभ हो सकी। इस प्रक्रिया में मूल पते पर नहीं, बल्कि वैकल्पिक पृष्ठ के ज़रिए सामग्री तक पहुँचा गया।
समाधान की प्रक्रिया में दस हज़ार समाधानों को रिले (relay) के रूप में आगे बढ़ाया गया — यानी एक AI मॉडल का आउटपुट अगले चरण का इनपुट बनता है। इस पद्धति से बड़े पैमाने पर समानांतर प्रयास संभव हुए, जिससे ऐसी समस्याओं पर काम आसान हुआ जो परंपरागत रूप से एक ही गणितज्ञ के वर्षों के प्रयास माँगती थीं।
इस क्षेत्र में जाँच-प्रक्रिया के दौरान 12 प्राथमिक स्रोतों की समीक्षा की गई, लेकिन समाधान की पूर्ण शुद्धता और उसकी स्वीकृति की स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। समाधान आधिकारिक प्रकाशन के स्तर तक पहुँचा है या नहीं, यह अनिश्चित बना हुआ है।
AI की मदद से दशकों पुरानी गणितीय चुनौती पर हुआ यह बड़े पैमाने का समाधान प्रयास प्रस्तुत आधारों की रोशनी में ज़्यादातर सही पाया गया।