आंशिक रूप से सही
संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से संबंधित जोखिमों पर चर्चा के लिए एक संवाद चैनल स्थापित करने पर सहमति बनी है। इस व्यवस्था के तहत दोनों देश आपात स्थितियों या दुर्घटनाओं के समय भी एक-दूसरे के संपर्क में रह सकेंगे।
यह सहमति AI प्रौद्योगिकी के तेजी से विकास के बीच दोनों प्रमुख शक्तियों के बीच संचार की एक स्थायी संरचना बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। चैनल का मुख्य उद्देश्य AI से जुड़े जोखिमों पर विचार-विमर्श करना और सूचना का आदान-प्रदान करना है।
व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह संपर्क केवल सामान्य परिस्थितियों तक सीमित नहीं है। दोनों पक्षों के बीच यह सहमति इस बात को भी शामिल करती है कि यदि कोई दुर्घटना या अप्रत्याशित घटना घटित होती है, तब भी दोनों देश संवाद जारी रख सकेंगे। इससे AI से संबंधित किसी घटना के तनाव को बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है।
इस सहमति की जांच में कुल 12 प्राथमिक स्रोतों की समीक्षा की गई और अंतिम निर्णय 'आंशिक सत्य' का रहा। इसका अर्थ है कि दावे के कुछ पहलू पुष्ट हुए, जबकि कुछ बिंदुओं पर पूरी स्पष्टता उपलब्ध नहीं है। चैनल की संरचना, कार्यशीलता और दोनों देशों द्वारा इसे किस स्तर पर लागू किया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
अमेरिका और चीन के बीच AI संवाद चैनल की सहमति और आपात स्थिति में संपर्क बने रहने की बात स्रोतों के आधार पर आंशिक रूप से पुष्ट हुई है; समग्र रूप से यह दावा आंशिक रूप से सही पाया गया।