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अमेरिका ने चीन के साथ गंभीर दुर्घटनाओं पर पारस्परिक रूप से सूचना अदला-बदली करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, यह अभी सहमति (consensus) का चरण नहीं है, बल्कि केवल 'प्रस्ताव' की स्थिति है, और चीन की ओर से आधिकारिक घोषणा में इसका उल्लेख नहीं किया गया है।
अमेरिका की ओर से चीन को यह प्रस्ताव दिया गया कि दोनों देश गंभीर दुर्घटनाओं (major accidents) की जानकारी एक-दूसरे को सूचित करें। इस मुद्दे पर अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और चीन के उपप्रधानमंत्री ही लिफेंग के बीच हुई बातचीत की छवियां सार्वजनिक हुई हैं, जो दोनों पक्षों के बीच चल रहे संवाद का संकेत देती हैं।
इस विषय पर ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह मामला अभी सहमति तक नहीं पहुंचा है और केवल 'प्रस्ताव' चरण पर है। साथ ही, चीन की ओर से जारी आधिकारिक बयानों में इस प्रस्ताव का कोई उल्लेख नहीं मिलता है, जिससे इसके कार्यान्वयन पर अनिश्चितता बनी हुई है।
अमेरिका-चीन संबंधों में संचार और पारदर्शिता को बढ़ाने के उद्देश्य से दिया गया यह प्रस्ताव अब चीन की प्रतिक्रिया के इंतजार में है। चीन की आधिकारिक घोषणा में इसके अनुपस्थित होने के कारण, इस प्रस्ताव को लेकर दोनों देशों के बीच वास्तविक सहमति बनती है या नहीं, यह अभी देखना बाकी है।
इस प्रकार अमेरिका द्वारा चीन को गंभीर दुर्घटनाओं की पारस्परिक सूचना देने का प्रस्ताव देने का दावा, यह ध्यान में रखते हुए कि यह सहमति नहीं बल्कि केवल 'प्रस्ताव' चरण है और चीन की आधिकारिक घोषणा में इसका उल्लेख नहीं है, सही है।