ज़्यादातर सही
गर्भावस्था के दौरान आने वाले भावनात्मक बदलावों को अक्सर 'मूड स्विंग' कहकर हल्के में लिया जाता है, लेकिन शोध बताते हैं कि इसके पीछे एस्ट्रोजन हार्मोन द्वारा मस्तिष्क के तंत्रिका सर्किट में होने वाले वास्तविक परिवर्तन होते हैं।
गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर काफी बढ़ जाता है, और यह हार्मोन मस्तिष्क के उन क्षेत्रों को प्रभावित करता है जो भावनाओं और तनाव को नियंत्रित करते हैं। शोध सारांश के अनुसार, एस्ट्रोजन मस्तिष्क के न्यूरल सर्किट को बदल देता है, जिससे गर्भवती महिलाओं में भावनात्मक प्रतिक्रियाओं में बदलाव आता है।
यह बात उन आम धारणाओं को चुनौती देती है जिनके अनुसार गर्भावस्था में मन झूलना केवल क्षणिक मूड या मनोवैज्ञानिक मामला है। समीक्षा में शामिल 12 प्राथमिक स्रोतों से प्राप्त आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि इसका आधार जैविक तंत्र है। हालांकि, स्रोतों की सीमाओं के कारण परिवर्तन की सटीक मात्रा और दीर्घकालिक प्रभावों जैसे कुछ पहलुओं पर अभी भी पूर्ण निष्कर्ष उपलब्ध नहीं हैं।
इस तरह, गर्भावस्था के दौरान होने वाले भावनात्मक बदलाव 'मूड की बात' नहीं बल्कि एस्ट्रोजन द्वारा मस्तिष्क सर्किट में होने वाले परिवर्तन का परिणाम हैं — यह आकलन है कि यह दावा ज़्यादातर सही है।