ज़्यादातर सही
चंद्रमा की सतह की तस्वीरें AI को दी जा सकती हैं और वह स्वयं उनका विश्लेषण करके बता सकता है कि कहाँ बर्फ़ (बर्फ़ीला जल) मौजूद हो सकता है। इस उद्देश्य से विकसित हो रहे चंद्र-आधारित AI मॉडल (Lunar Foundation Model) की योजना सार्वजनिक हुई है, जिसमें चंद्रमा पर बर्फ़ का वितरण-नक्शा बनाने की क्षमता शामिल है।
चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों में छिपी बर्फ़ को 'जीवन-जल' कहा जा सकता है, क्योंकि यह भविष्य के चंद्र मिशनों में पेयजल और ईंधन के रूप में इस्तेमाल हो सकता है। नया AI मॉडल चंद्रमा की तस्वीरों के आधार पर यह पहचान करने में मदद करेगा कि किन क्षेत्रों में बर्फ़ की संभावना अधिक है।
मॉडल की संरचना को दर्शाती योजना (model_scheme.png) Lunar-Foundation-Model रिपॉज़िटरी के माध्यम से सार्वजनिक की गई है। हालाँकि, इस मॉडल की सटीक क्षमताएँ और तैनाती की समय-सीमा अभी स्पष्ट रूप से पुष्ट होनी बाकी है।
प्राथमिक स्रोतों की समीक्षा के आधार पर यह निष्कर्ष निकला है कि यह दावा ज़्यादातर सही है।