ज़्यादातर सही
दक्षिण कोरिया में सेमीकंडक्टर (반도체) निर्यात में तेज़ी के बावजूद रोज़गार सृजन पीछे छूट रहा है। निर्यात-प्रधान विकास यानी 'बिना रोज़गार वाली वृद्धि' की स्थिति में युवाओं के लिए नई नौकरियां सीमित रही हैं।
कोरियाई अर्थव्यवस्था की मुख्य गति सेमीकंडक्टर निर्यात से मिल रही है। Samsung Electronics और SK hynix जैसी कंपनियों का उत्पादन और निर्यात बढ़ रहा है, लेकिन यह वृद्धि कर्मचारियों की संख्या में समान वृद्धि के साथ नहीं आई है। निर्यात और उत्पादन बढ़ने के बावजूद नौकरियों की कुल संख्या पर इसका प्रभाव सीमित रहा है।
इस 'बिना रोज़गार वाली वृद्धि' (고용없는 성장) का सबसे ज़्यादा असर युवा वर्ग पर दिख रहा है। सेमीकंडक्टर जैसे पूंजी-केंद्रित उद्योगों में उत्पादन बढ़ाने के लिए नए कर्मचारियों की ज़रूरत उतनी नहीं पड़ती, जिससे युवाओं के लिए नई नौकरियों के अवसर बढ़ने की बजाय संकुचित रह गए हैं।
अमेरिका के इंडियाना में हाल ही में हुए भवन-निर्माण शिलान्यास (groundbreaking ceremony) जैसी पहलों से भविष्य में निवेश और रोज़गार की उम्मीदें बन रही हैं, पर अभी इनका स्थानीय रोज़गार पर प्रभाव भविष्य का विषय है।
विश्लेषकों का कहना है कि सेमीकंडक्टर बूम को बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजन में बदलना अगली बड़ी चुनौती है। जब तक निर्यात-आधारित वृद्धि का लाभ घरेलू रोज़गार बाज़ार तक नहीं पहुंचता, युवाओं के लिए रोज़गार की स्थिति मुश्किल बनी रहेगी।
कुल मिलाकर, यह दावा — कि सेमीकंडक्टर निर्यात की बहार के बीच युवा रोज़गार में ठिठकन है — उपलब्ध स्रोतों के आधार पर ज़्यादातर सही पाया गया।