ज़्यादातर सही
दक्षिण कोरिया की अदालतों में कोरियाई AI टूल्स पर निर्भर वकीलों के लिए एक चेतावनी भरा मामला सामने आया है। 27 वर्षों के अनुभव वाले एक वकील पर आरोप लगा कि उन्होंने अदालत में AI-जनित "प्रेसिडेंट" (न्यायिक प्रेसिडेंट) पेश किया, जिस पर न्यायाधीश ने उन्हें फटकार लगाई। 12 प्राथमिक स्रोतों की समीक्षा के आधार पर यह दावा अधिकांशतः सत्य पाया गया है, हालांकि कुछ विवरणों में विसंगतियां देखी गई हैं।
मामले का सार यह है कि एक वरिष्ठ वकील ने अपनी दलीलों में AI टूल से उत्पन्न न्यायिक प्रेसिडेंट का हवाला दिया, जिसे अदालत में पेश करने पर न्यायाधीश ने नाराजगी जताई। यह घटना दक्षिण कोरिया की कानूनी प्रणाली में जनरेटिव AI के बढ़ते उपयोग से उठने वाली चिंताओं को रेखांकित करती है।
समीक्षा के दौरान 12 प्राथमिक स्रोतों से जानकारी ली गई, जिनमें मुख्य तथ्य — वकील का 27 वर्षों का अनुभव, AI-जनित प्रेसिडेंट का इस्तेमाल और न्यायाधीश की फटकार — की पुष्टि हुई।
कोरियाई AI उद्योग में LLM (बड़े भाषा मॉडल) टूल्स का विस्तार हो रहा है, और Naver जैसी कंपनियों के टूल्स कानूनी अनुसंधान में भी इस्तेमाल हो रहे हैं। यह मामला दर्शाता है कि AI आउटपुट की पुष्टि किए बिना अदालत में पेश करना पेशेवर जिम्मेदारी का उल्लंघन माना जा सकता है।
हालांकि, स्रोतों की तुलना में कुछ विवरण — जैसे मामले की सटीक तारीख, अदालत का नाम और फटकार की प्रकृति — में असंगतियां थीं, इसलिए पूरी कहानी को बिना शर्त सत्य नहीं कहा जा सकता।
इस प्रकार, मामले का मुख्य दावा अधिकांशतः सत्य है, लेकिन कुछ विवरणों में स्पष्टीकरण की आवश्यकता बनी हुई है, और कुल मिलाकर यह दावा "ज़्यादातर सही" है।