सियोल। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली से जुड़े एक कथन का सत्यापन पूरा हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आर्थिक नुकसान की आशंका के मद्देनज़र उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सैन्य परिनियोजन की समीक्षा करने का आदेश दिया है और इस कदम के लिए उठने वाली आलोचना को वे स्वीकार करने को तैयार हैं। हमारी सत्यापन टीम ने इस दावे की जाँच कुल 12 प्राथमिक स्रोतों की समीक्षा के आधार पर की।
सत्यापन के अधीन दावा यह था कि राष्ट्रपति ली ने सार्वजनिक रूप से यह बात कही कि आर्थिक प्रभाव की चिंता को देखते हुए उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य क्षेत्र में सैन्य परिनियोजन की समीक्षा का निर्देश दिया, और इस निर्णय से जुड़ी आलोचना को वे व्यक्तिगत रूप से झेलने को तैयार हैं। इस कथन में दो मुख्य तत्व शामिल हैं — पहला, परिनियोजन समीक्षा का आदेश देना, और दूसरा, आलोचना स्वीकार करने का स्पष्ट संकेत।
जाँच के दौरान 12 प्राथमिक स्रोतों की समीक्षा की गई, जिनमें कथन के मूल रिकॉर्ड और संबंधित आधिकारिक संदर्भ शामिल हैं। दावे के दोनों तत्वों — परिनियोजन समीक्षा का आदेश और आलोचना स्वीकार करने का कथन — की स्रोतों के बीच परस्पर तुलना की गई। स्रोतों का संयुक्त आकलन बताता है कि कथन की भाषा और भावना रिकॉर्ड के अनुरूप है, हालाँकि कुछ संदर्भों में विवरण की सीमाएँ देखी गईं।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक प्रमुख समुद्री मार्ग है, और किसी भी अस्थिरता का असर ऊर्जा-निर्भर उद्योगों तक पहुँच सकता है। कोरियाई अर्थव्यवस्था में सेमीकंडक्टर और हार्डवेयर निर्माण क्षेत्रों की ऊर्जा और आपूर्ति शृंखला पर निर्भरता को देखते हुए, राष्ट्रपति की ओर से "आर्थिक असर" को कारण बताना इन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से सुचित करने वाला संकेत है। इसीलिए यह कथन तकनीकी पत्रकारिता के लिहाज़ से महत्वपूर्ण रूप से जाँचने योग्य माना गया।
स्रोतों की समीक्षा के आधार पर राष्ट्रपति ली का यह कथन — कि आर्थिक असर की आशंका से उन्होंने होर्मुज़ परिनियोजन की समीक्षा का आदेश दिया और आलोचना स्वीकार करने को तैयार हैं — हमारे सत्यापन में ज़्यादातर सही पाया गया।