अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के विकास की गति को नियंत्रित या धीमा करने से जुड़ी दलीलों को अस्वीकार करते हुए इस तकनीक के क्षेत्र में चीन से आगे रहने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है। कोरियाई टेक मीडिया की ओर से किए गए सत्यापन में यह दावा दर्ज 12 प्राथमिक स्रोतों के आधार पर पुष्ट किया गया।
चर्चा में आया दावा यह था कि ट्रम्प ने एआई की "स्पीड-कंट्रोल" यानी विकास की रफ़्तार को क़ाबू में रखने की वकालत करने वाले तर्कों को एक-एक कर खारिज कर दिया और कहा कि इस प्रतिस्पर्धा में चीन से आगे रहना ज़रूरी है। हमारे सत्यापन डेस्क ने इस दावे की जाँच के लिए कुल 12 प्राथमिक स्रोतों का अवलोकन किया। जाँच में शामिल मुख्य रिपोर्ट द गार्जियन (The Guardian) की है, जिसकी प्रतीक-छवि गेटी इमेजेज़ (Getty) से ली गई है; इस रिपोर्ट को उद्धृत करते समय स्रोत का उल्लेख अनिवार्य है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दावे की पुष्टि "सत्य" के रूप में दर्ज हुई।
अमेरिका और चीन के बीच एआई प्रतिस्पर्धा की रफ़्तार से जुड़ा यह बयान वैश्विक सेमीकंडक्टर (semiconductor) उद्योग के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। बड़े भाषा मॉडल (LLM) के प्रशिक्षण और एआई इंफ़्रास्ट्रक्चर के विस्तार में ग्राफ़िक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) जैसे हार्डवेयर की माँग केंद्रीय भूमिका निभाती है, और इस आपूर्ति शृंखला में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और SK हाइनिक्स (SK hynix) जैसी कोरियाई कंपनियाँ प्रमुख खिलाड़ी हैं। ऐसे में अमेरिकी प्रशासन का एआई विकास को तेज़ गति देने का रुख़ एआई-हार्डवेयर बाज़ार की दिशा तय करने वाले कारकों में गिना जा सकता है।
ट्रम्प द्वारा एआई की रफ़्तार धीमी करने की दलीलों को नकारते हुए चीन से आगे रहने की बात कहने संबंधी यह दावा 12 प्राथमिक स्रोतों की जाँच के बाद सही पाया गया।