दक्षिण कोरिया के ग्वांगजू (광주) शहर में सांगमू (상무) और चोमदान (첨단) इलाकों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग (간선도로) की दीर्घ अवधि से बाधित प्रगति के दावे की जांच पूरी हो गई है। यह मार्ग मीडिया में "सेमीकंडक्टर महाधमनी" (반도체 대동맥) के नाम से जाना जाता है। फैक्ट-चेक डेस्क ने 12 प्राथमिक स्रोतों की समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि यह दावा तथ्य पर आधारित है। सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए महत्वपूर्ण कड़ी माना जाने वाला यह मार्ग लंबे समय से स्थानीय चर्चा का विषय बना हुआ है।
सांगमू–चोमदान मुख्य मार्ग सांगमू वाणिज्यिक-प्रशासनिक इलाके को चोमदान उन्नत औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ता है। इस मार्ग को 'महाधमनी' का दर्जा इसलिए दिया गया है क्योंकि इसे सेमीकंडक्टर उद्योग पारिस्थितिकी तंत्र के प्रमुख केंद्रों के बीच संपर्क का मुख्य मार्ग माना जाता है। कोरियाई मीडिया में इस उपाधि का बार-बार इस्तेमाल इस बात का संकेत है कि क्षेत्र की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं में इस मार्ग को कितना केंद्रीय स्थान प्राप्त है।
फैक्ट-चेक डेस्क ने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्टों तथा संबंधित तस्वीरों सहित 12 प्राथमिक स्रोतों की समीक्षा की। अलग-अलग समय में प्रकाशित सामग्री में इस मुख्य मार्ग की देरी का उल्लेख लगातार मिला, जो दर्शाता है कि यह कोई एक बिंदु की बात नहीं, बल्कि लंबे समय तक फैली स्थिति है। समीक्षा की गई रिपोर्टों में इस परियोजना का जिक्र लगातार विलंब के संदर्भ में ही हुआ है, और इस दावे का खंडन करने वाला कोई साक्ष्य सामने नहीं आया।
सेमीकंडक्टर उद्योग की महाधमनी माने जाने वाली परियोजना की लंबी देरी से क्षेत्र के संपर्क और औद्योगिक विकास की गति पर असर पड़ सकता है — यही कारण है कि यह मुद्दा स्थानीय उद्योग जगत और मीडिया में निरंतर जांच-परख का विषय बना हुआ है। फैक्ट-चेक का दायरा केवल दावे की पुष्टि तक सीमित रखा गया; कोई नया आंकड़ा या समय-सारणी पेश नहीं की गई।
12 प्राथमिक स्रोतों की समीक्षा के आधार पर फैक्ट-चेक डेस्क का अंतिम निष्कर्ष यह है कि 'सेमीकंडक्टर महाधमनी' सांगमू–चोमदान मुख्य मार्ग की दीर्घ अवधि की देरी संबंधी दावा सही है।