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अमेरिकी राष्ट्रपति के वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार स्कॉट बेसेंट और चीन की उपप्रधानमंत्री ही लीफेंग (허리펑) के बीच हुई मुलाक़ात के बाद दोनों पक्षों ने व्यापार और आर्तिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा को सफल बताया है।
बेसेंट और ही लीफेंग के बीच हुई बैठक में दोनों देशों के बीच जारी व्यापार विवादों के साथ-साथ AI क्षेत्र में सहयोग के मुद्दों पर बातचीत हुई। बैठक के बाद बेसेंट ने इस चर्चा को "व्यापार और AI संबंधी समझौते की सफलता" के रूप में वर्णित किया। यह बयान तब सामने आया है, जब दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच तकनीकी क्षेत्र, खासकर सेमीकंडक्टर और AI नीतियों को लेकर तनाव और समझौते दोनों की स्थितियाँ लगातार बदल रही हैं।
दोनों पक्षों की बातचीत का केंद्र AI और व्यापार के अंतर्संबंध रहे। सेमीकंडक्टर उद्योग पर निर्भर कंपनियों, जिनमें सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK hynix जैसे प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं, के लिए अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता का नतीजा सीधे असर रखता है। साथ ही एनवीडिया के GPU जैसे उच्च-प्रदर्शन चिप्स के निर्यात नियम भी इस बातचीत के दायरे में आते हैं।
कोरियाई परिप्रेक्ष्य से देखें तो यह बैठक महत्वपूर्ण है, क्योंकि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK hynix अमेरिकी और चीनी दोनों बाज़ारों में सक्रिय हैं और foundry तथा मेमोरी चिप उद्योग की आपूर्ति श्रृंखला पर व्यापार नीतियों का सीधा प्रभाव पड़ता है। साथ ही AI क्षेत्र में LLM विकास कर रही कोरियाई कंपनियों, जैसे Naver और Kakao, के लिए भी इस तरह की अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं का परिणाम तकनीकी निर्यात नियमों और सहयोग के अवसरों को प्रभावित कर सकता है।
बेसेंट के "सफल समझौते" के बयान के बाद अब नज़र इस बात पर रहेगी कि दोनों देश व्यापार और AI क्षेत्र में किस तरह की ठोस नीतिगत पहल करते हैं। तकनीकी उद्योग से जुड़े विश्लेषकों के लिए यह बैठक इस बात का संकेत है कि अमेरिका और चीन आपसी टकराव के बावजूद AI और व्यापार पर बातचीत के रास्ते खुले रखना चाहते हैं।
बैठक की घोषित सफलता को देखते हुए, ही लीफेंग से मिली बेसेंट की इस मुलाक़ात पर "व्यापार-AI समझौता सफल" का दावा सही है।