ज़्यादातर सही
KAIST (कोरिया एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी) ने एक ऐसे AI मॉडल की घोषणा की है जो सर्वर से संपर्क किए बिना स्वयं उत्तर देता है और एक बार प्राप्त किए गए ज्ञान को बार-बार दोबारा इस्तेमाल करने में सक्षम है। यह जानकारी KAIST की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में शामिल है।
KAIST की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह तकनीक एक बार प्राप्त ज्ञान का पुन: उपयोग करती है, जिससे बाहरी सर्वर पर निर्भरता कम हो जाती है। इस दृष्टिकोण का लाभ यह है कि उपयोगकर्ता का डेटा बाहरी नेटवर्क पर नहीं जाता, जिससे गोपनीयता और ऑफलाइन उपयोगिता के मामले में फायदा होता है।
हालांकि, इस तकनीक से जुड़ी कुछ स्पष्ट शर्तें और सीमाएं हैं। जांच में दो मुद्दे सामने आए: पहला, कुछ दावों के साथ शर्तें जुड़ी हैं, और दूसरा, प्रेस विज्ञप्ति और शोध पत्र के सारांश के बीच गिरावट दर के आंकड़ों में अंतर पाया गया। इसका मतलब है कि प्रेस विज्ञप्ति में दिए गए प्रदर्शन में सुधार के आंकड़े और शोध पत्र में दिए गए आंकड़े एक दूसरे से भिन्न हैं।
इस घोषणा से संबंधित चित्र KAIST के आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पेज से उपलब्ध हैं, जिनमें से एक चित्र को प्रेस विज्ञप्ति में 'AI जनरेटेड इमेज' के रूप में स्पष्ट रूप से चिह्नित किया गया है।
इन सीमाओं को देखते हुए, यह कहा जा सकता है कि KAIST के नए AI का मुख्य दावा — सर्वर के बिना उत्तर देने और प्राप्त ज्ञान का पुन: उपयोग करने वाली तकनीक — ज़्यादातर सही है।