ज़्यादातर सही
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रशासन की तकनीक-नीति का केंद्र अब स्पष्ट रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) है। प्रशासन AI विकास को बिना ठहराव के — 'नॉन-स्टॉप' — आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है, और इसका दायरा केवल मौजूदा AI तक सीमित नहीं है। नीति-अभिवृत्ति 'AI या सुपरइंटेलिजेंस' के विकास को सक्रिय प्रोत्साहन देने की है, यानी मानवीय क्षमता से आगे बढ़ने वाली बुद्धिमत्ता तक की ओधा को राज्यस्तरीय समर्थन दिया जा रहा है।
ट्रंप प्रशासन का संदेश है कि AI कोई साधारण तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि अमेरिका की आर्थिक और तकनीकी बढ़त का आधार है। इसी वजह से नीति का ज़ोर विकास में आने वाली रुकावटों को कम करने और गति को लगातार बनाए रखने पर है। बड़े भाषा मॉडल (LLM) से लेकर सुपरइंटेलिजेंस तक की दौड़ में अमेरिका को अग्रणी स्थिति में रखने की कोशिश इस दृष्टिकोण की स्पष्ट पृष्ठभूमि मानी जा रही है।
अमेरिका की इस दिशा का असर सीधे AI इंफ्रास्ट्रक्चर — डेटा सेंटर, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) और उन्नत सेमीकंडक्टर — की मांग पर पड़ने का अनुमान है। Samsung Electronics और SK hynix जैसी कोरियाई कंपनियां AI उपकरणों के लिए ज़रूरी मेमोरी सेमीकंडक्टर की आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा हैं, इसलिए वाशिंगटन की 'नॉन-स्टॉप' AI रणनीति का प्रभाव कोरियाई हार्डवेयर उद्योग तक भी पहुंच सकता है।
कुल मिलाकर, ट्रंप प्रशासन की AI विकास को निरंतर गति देने और 'AI या सुपरइंटेलिजेंस' के प्रोत्साहन की नीति संबंधी अभिवृत्ति का विवरण ज़्यादातर सही है।