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नोबेल पुरस्कार विजेता AI शोधकर्ता योशुआ बेंजियो ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के खतरनाक दुरुपयोग की तुलना 'AI सूदखोरी' (AI 대부) जैसी घटनाओं से करते हुए कहा है कि AI को परमाणु हथियारों की तरह अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण के दायरे में लाना ज़रूरी है।
बेंजियो ने अपनी टिप्पणी में AI तकनीक के दुरुपयोग को रोकने के लिए परमाणु हथियारों पर लागू होने वाले स्तर के अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण ढांचे की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उनका यह बयान 'AI सूदखोरी' कही जाने वाली घटना के संदर्भ में सामने आया, जिसमें AI तकनीक का इस्तेमाल अपराध के लिए किया गया था।
फ्रांसीसी-कनाडाई शोधकर्ता बेंजियो न्यूरल नेटवर्क अनुसंधान के अग्रणी माने जाते हैं और AI सुरक्षा पर बार-बार चेतावनी देते रहे हैं। उनका यह नवीनतम बयान इस बात पर प्रकाश डालता है कि AI के दुरुपयोग अब केवल तकनीकी जोखिम नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बन रहे हैं। AI को परमाणु हथियारों जैसे सख्त अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण के अधीन करने की मांग को लेकर वैश्विक नीति-निर्माताओं के बीच चर्चा तेज़ होने की संभावना है।
AI दुरुपयोग के खिलाफ बेंजियो की यह मांग — कि AI को परमाणु हथियार स्तर के अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण में लाया जाए — जांच के बाद सही पाई गई।
Verdict: सही