ज़्यादातर सही
एनवीडिया के सीईओ जेन्सन ह्वांग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एकमत होकर कहा कि AI की विकास गति को नियंत्रित करने की ज़िम्मेदारी स्वायत्त संस्थाओं को सौंपी जानी चाहिए। यह बयान AI नियमन पर चल रही बहस के बीच सामने आया है।
ह्वांग ने AI तकनीक की प्रगति की रफ्तार को कृत्रिम रूप से धीमा करने के विरुद्ध अपनी स्थिति दोहराई। उनका तर्क है कि AI के विकास की गति को केंद्र सरकार या किसी एकाधिकारी नियामक के बजाय स्वायत्त निकायों के विवेक पर छोड़ा जाना चाहिए।
राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी यह स्थिति साझा करने की खबर ने ध्यान आकर्षित किया, क्योंकि एनवीडिया AI चिप्स के लिए GPU क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है और नियमन नीतियाँ सीधे तौर पर उसके व्यापार को प्रभावित करती हैं।
AI की विकास गति को नियंत्रित करने या न करने को लेकर अमेरिका में लंबे समय से बहस चल रही है। ह्वांग जैसे उद्योग नेताओं की स्थिति रही है कि तीव्र नियमन नवाचार को बाधित करेगा, जबकि ट्रंप प्रशासन ने भी पिछली नीतियों की तुलना में उद्योग के अनुकूल दृष्टिकोण अपनाया है।
हालाँकि, दोनों के बीच इस बातचीत की सटीक परिस्थितियों और किसी औपचारिक समझौते के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
एनवीडिया की AI चिप्स पर बनी बाजार हिस्सेदारी को देखते हुए, सीईओ का यह बयान सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। यदि AI नियमन का दायित्व स्वायत्त निकायों को दिया जाता है, तो चिप और GPU आपूर्ति श्रृंखला पर केंद्रीय प्रतिबंधों का दबाव कम हो सकता है।
फिर भी, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह साझा स्थिति किसी ठोस नीति परिवर्तन में बदलेगी या नहीं।
कुल मिलाकर, ह्वांग और ट्रंप की AI गति नियंत्रण को स्वायत्त निकायों के हवाले करने संबंधी साझा स्थिति उपलब्ध जानकारी के आधार पर ज़्यादातर सही पाई गई है।