आंशिक रूप से सही
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अबू धाबी में 5 गीगावाट (GW) क्षमता वाले नए AI कैंपस के डेटा सेंटरों को एक ही स्थान पर केंद्रित करने के बजाय वितरित रूप से स्थापित करने की दिशा में अपनी योजना में बदलाव कर रहा है। रॉयटर्स के अनाम सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है, जिसके पीछे ईरानी हमलों के बाद सुरक्षा जोखिमों का पहले से जवाब तैयार करने की चिंता बताई जा रही है। हालांकि, यह बदलाव अभी आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, UAE की यह योजना ईरानी हमलों के बाद संशोधित की गई है, ताकि किसी एक स्थान पर हमले की स्थिति में पूरे AI बुनियादी ढांचे को नुकसान न पहुंचे। 'वितरित स्थापना' (분산 배치) का यह दावा अनाम सूत्रों पर आधारित बताया जा रहा है।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि इस योजना से जुड़े पक्षों ने इसे आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं किया है। इसलिए यह बदलाव अंतिम रूप से तय मानना अभी समय से पहले होगा।
इससे पहले, मई 2025 में UAE और अमेरिका के राष्ट्रपतियों ने अबू धाबी में 5GW क्षमता वाले नए AI कैंपस के पहले चरण (Phase 1) के शुभारंभ में हिस्सा लिया था। यह जानकारी अमेरिकी वाणिज्य विभाग की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में दर्ज है, जिसे अमेरिकी दूतावास के मिरर पृष्ठ के माध्यम से देखा जा सकता था।
इन स्रोतों में हालांकि 'वितरित स्थापना' का उल्लेख नहीं मिलता — यह बात केवल अनाम सूत्रों पर आधारित रिपोर्टिंग से सामने आई है।
अनाम सूत्रों के अनुसार, ईरानी हमलों से उपजे सुरक्षा जोखिमों का पूर्व-सक्रिय (선제) जवाब देने की दृष्टि से डेटा सेंटरों को कई स्थानों में फैलाने पर विचार किया जा रहा है। मूल रिपोर्ट के प्रत्यक्ष स्रोत तक पहुंच कठिन रही थी, इसलिए इसे TBS News के पुनर्प्रकाशित संस्करण के माध्यम से पढ़ा गया।
स्पष्ट है कि यह जानकारी आधिकारिक घोषणा पर नहीं, बल्कि सूत्र-आधारित रिपोर्टिंग पर टिकी है, और भविष्य में योजना में आगे बदलाव हो सकते हैं।
निष्कर्ष: UAE की 5GW AI डेटा सेंटर योजना में वितरित स्थापना की दिशा में बदलाव की खबर सूत्र-आधारित है और आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है, इसलिए इसे हर हाल में आंशिक रूप से सही माना जा सकता है।